सूरज से गुफ्तगू #37

तुमसे ज्यादा आज कलवो उड़ते पंछी पसंद आते हैपर मुझे छोड़वो भी तुम्हारे पास चले आते हैकुछ तो होगा तुजमेजो किसी और में नहीं दीखताये सारा का सारा संसारक्यों तुजसे ही है खिलता Read More: सूरज से गुफ्तगू #36