सूरज से गुफ्तगू #13

कभी कभी जब अकेले रोती हूँ तो रातो को भी तेरा इंतज़ार करती हूँ कभी कभी, जब अकेले में सोती हूँ तो खुद की उंगलियों से यु सिलवटे तेरी बना जाती हूँ तेरे बाहों में सिमटना चाहती हूँ कुछ देर ही सही, तुजसे दिल का हर राज़ कहना चाहती हूँ. तू समझता नहीं मेरी प्यासContinue reading “सूरज से गुफ्तगू #13”

सूरज से गुफ्तगू #9

सुनो थोड़ा ठहर जाओ तुमसे एक बात केहनी थी, वो बस सुनते जाओ दिल आज फिर भर आया है मै, रात तुम्हारे आने के इंतज़ार में काट लुंगी तुम बस शाम सहारा बनते जाओ, सुनो, बस थोड़ा ठहर जाओ.   कुछ और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू#8

सूरज से गुफ्तगू #7

क्या यार तुम आज फिर चुप गये देखो ये रोज रोज का रूठना मनाना नहीं चलेगा तुम्हारा रोज यु हमसे दूर जाना नहीं चलेगा. हमने तो कभी कहा नहीं की हमे बारसात पसंद है हमे तो तुम्हारी वो दूर से भेजी रंगीन आहट ही पसंद है हमने कब कहा की हमे वो पेड़ से टूटContinue reading “सूरज से गुफ्तगू #7”

सूरज से गुफ्तगू #5

बिखेर दिए है आज जो बदल भी तुमने बस गए हो यु उसके भी दिल में कुछ तो शर्म करो कितनो के दिल के तोड़ोगे अब बस भी करो, मोहब्बत करता हु, ये कितनो से कहोगे. थोड़ी और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू #4

सूरज से गुफ्तगू #1

तुम रोज जो छुप-छुप के मुझे यु देखा करते हो, सिर्फ नफरत ही है ज़ेहन में या थोड़ी मोहब्बत भी किया करते हो? PS: I refrain to translate them in English! I don’t think I can justify it!

Half Moon!

न जाने क्यों, मुझे उस ढलती शाम के अधूरे चाँद से अलग ही प्यार है. * Somehow, I brace a different kind of love for that half moon, advancing the evening.   PS:I know I could have never come up with an English translation, sounding almost the same as the Hindi version; still worth aContinue reading “Half Moon!”

Happy!!!

Waking up, early in the morning when you get to see something so beautiful, so peaceful, so naturally colorful, you just feel blessed, you feel happy. And this is what I felt today. Peaceful and happy indeed. Nature for me is indeed a wonderful healer. Hope you are having a good time…

Surprising Rain

I love rain, most of us do when it’s summers and we are just dying of the scorching heat. But I love it more when it comes un-warned, without any suspect. So the other day after a very hot day, the evening was blessed for us. It rained unexpectedly and made our place just soContinue reading “Surprising Rain”

A pictorial Journey

One of my friend went on a trip a month back to Darjelling and he sent me few pictures with the intention of making me jealous of not accompanying him in the trip. And he did succeed. Just as I say these pictures I ended up wanting to go there, right away. I surely missedContinue reading “A pictorial Journey”