सूरज से गुफ्तगू #7

क्या यार तुम आज फिर चुप गये देखो ये रोज रोज का रूठना मनाना नहीं चलेगा तुम्हारा रोज यु हमसे दूर जाना नहीं चलेगा. हमने तो कभी कहा नहीं की हमे बारसात पसंद है हमे तो तुम्हारी वो दूर से भेजी रंगीन आहट ही पसंद है हमने कब कहा की हमे वो पेड़ से टूटContinue reading “सूरज से गुफ्तगू #7”

सूरज से गुफ्तगू #6

चलो जाओ, नहीं करनी तुमसे कोई मुलाकात तुम नहीं चाहते तो नहीं करनी तुमसे कोई बात दूर-दूर ही अच्छे हो चाँद क बिना ही पुरे हो. शायद इसी बात का गुर्रर है चांदनी से पहले जो तुमसे मोहब्बत का इकरार किया है. हमने तो कोई पर्दा न रखा था पर तुम्हारे सुरूर का ताप हीContinue reading “सूरज से गुफ्तगू #6”

सूरज से गुफ्तगू #2

आज फिर छुप गया था वो मुझसे न जाने कम्बखत कितनी कहानिया छुपा रहा था मुझसे. कुछ और शिकायते सूरज से : सूरज से गुफ्तगू #1

SEVEN B&W Photos; Day 6

The colors are really important, it changes your life, the way you look at it. Some might think that this is a picture of a full moon night, and some might perceive it as the bright and radiant sun. I am participating in the Seven Days. Seven Black and White Photos of Your Life. NoContinue reading “SEVEN B&W Photos; Day 6”

A dreamer! — Lame_thoughts

“Let your dreams be alive. Don’t bury them within you” Once in a blue moon, he arrives from nowhere, plays a game, startles the world, make us speechless, creates the history, leaves a legacy and goes nowhere. He just leaves a mark making our heart shiver and boiling every drop of blood in the body. […]Continue reading “A dreamer! — Lame_thoughts”