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सूरज से गुफ्तगू #12

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तू ढूंढ रहा है कुछ
ऐसा सुना है मैंने
तू खो चूका है कुछ
ऐसा पता लगा है मुझे.
अधूरा अधूरा सा लग रहा होगा न
जैसे मुझे अब तक लगता था
आज तक तूने कहा था
चल आज मै तुजसे वही बात कहती हूँ
नहीं पायेगा मुझे
जब तक मिश्री सा घुल नहीं जाता तू मुजमे
नहीं खोज पायेगा मुझे
जब तक नहीं खो जाता तू, मुजमे.

कुछ और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू #11

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सूरज से गुफ्तगू #6

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चलो जाओ, नहीं करनी तुमसे कोई मुलाकात
तुम नहीं चाहते तो नहीं करनी तुमसे कोई बात
दूर-दूर ही अच्छे हो
चाँद क बिना ही पुरे हो.
शायद इसी बात का गुर्रर है
चांदनी से पहले जो तुमसे मोहब्बत का इकरार किया है.
हमने तो कोई पर्दा न रखा था
पर तुम्हारे सुरूर का ताप ही गहरा था.
चल आज से सब बदल जायेगा
तेरी जगह चाँद का नाम लिया जायेगा
आज से रात को ही सपने  देखेंगे
सौंदर्य की जगह चांदनी को दे देंगे
बोल अगर है तुजे मंजूर
या फिर है तुजे मेरी ही मोहब्बत कबूल?

PS: However cliche this may sound anyone saying Kabool, kabool, kabool will not be entertained.

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थोड़ी और गुफ्तगू : सूरज से गुफ्तगू #5

सूरज से गुफ्तगू #5

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बिखेर दिए है आज जो बदल भी तुमने
बस गए हो यु उसके भी दिल में
कुछ तो शर्म करो कितनो के दिल के तोड़ोगे
अब बस भी करो, मोहब्बत करता हु, ये कितनो से कहोगे.

थोड़ी और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू #4

सूरज से गुफ्तगू #2

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आज फिर छुप गया था वो मुझसे
न जाने कम्बखत कितनी कहानिया छुपा रहा था मुझसे.

कुछ और शिकायते सूरज से : सूरज से गुफ्तगू #1

The Glorious Madness.

Like a cloud of fire

I soar a little higher

In the burning light

Of that sadistic sun.

Sinking-rising-

Burning the golden lightening

In the broad of daylight.

He fears not-

Throwing the silver arrows and spheres

In the dawn- quite clear

The dusk, a little dear

He springs, trying to cut my wings

Amidst the shade of rainbows- I hide

Unwanted- unbidden

Not to shed a tear

But only to gather my very madness.

He knows not what I am

A cruel, blithe spirit

Rejoicing in the love that I bore

That from my lips would flow

And so like a lonely cloud of fire

I soar a little higher

Ignoring the fountain of pain

Basking in the glory of triumphant gain.

 

Half Moon!

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न जाने क्यों,

मुझे उस ढलती शाम के

अधूरे चाँद से अलग ही प्यार है.

*

Somehow,

I brace a different kind of love for that half moon,

advancing the evening.

 

PS:I know I could have never come up with an English translation, sounding almost the same as the Hindi version; still worth a try may be?