सूरज से गुफ्तगू #39

उसने कहा हम मिले नहींफिर जुदाई का गम कैसेउसे क्या पता, हम मिले नहींफिर भी मोहब्बत थी उससेपाया तो नहींपर अब तक ढूंढ रही हूँउस एक तिनके सी मुलाकातअब तक महसूस कर रही हूँबादलो और फूलो पर चल कर नहींकांटो और अंगारो से भी लड़ कर आयी हूँवो सारी पुरानी बातेंइन सन्नाटो में छुपा करContinue reading “सूरज से गुफ्तगू #39”

सूरज से गुफ्तगू #34

तू ख्वाब है मेरा पर पूरा नहींतू मेरा है पर मेरा नहींतू प्यार है मेरा पर अधूरा नहींतू सूरज है पर सवेरा क्यों नहीं Read More: सूरज से गुफ्तगू #33

सूरज से गुफ्तगू #32

वो कहते है वक़्त बड़ा तेज़ हैंशायद उन्होंने कभी सारी रात उस चाँद को नहीं देखा हैंशायद उन्होंने अकेले में बिस्तर पर सिलवटों को नहीं सजाया हैंशायद, शायद उन्होंने उन तारो को तांकते हुए तुम्हारा इंतज़ार नहीं किया हैं Read More: सूरज से गुफ्तगू #31

सूरज से गुफ्तगू #29

तू आया तो है फिर से आजपर तू सवेरा नहीं, अँधेरा लाया हैक्या बात हुई, क्या कोई बात अधूरी छूटिया फिर बस मेरे अंदर का अन्धेरा तुज पर भी छाया हैं Read more: सूरज से गुफ्तगू #28

सूरज से गुफ्तगू #28

बिन मांगी जलन हैएक तूफ़ान, एक सैलाब भी हैरोज तुजसे पूछना चाहती हु, पर भूल जाती हूँतू है तो सही पर इतना दूर दूर क्यों हैं Read More: सूरज से गुफ्तगू #27

सूरज से गुफ्तगू #20

तेरे आने का वक़्त हो गया है पर जो सपनो में तू ही है उसका क्या करू, तू ही बता तेरे साथ, सपनो में या खुदसे दूर असलियत में, किसे चुन। Read more: सूरज से गुफ्तगू #19

सूरज से गुफ्तगू #14

बादलो से भी आज बातें कर ली जो तुम ना माने तो उनसे भी सिफारिश तय कर ली, देखो अब ये रूठना मनाना नहीं चलेगा बिना कहे वाला इसरार अब नहीं चलेग। * A little history about this guftagoo: https://aestheticmiradh.com/category/just-when-i-dont-know-anything/hindi/ * It has taken me ages to get back to this blog, and specially toContinue reading “सूरज से गुफ्तगू #14”