सूरज से गुफ्तगू #6

चलो जाओ, नहीं करनी तुमसे कोई मुलाकात तुम नहीं चाहते तो नहीं करनी तुमसे कोई बात दूर-दूर ही अच्छे हो चाँद क बिना ही पुरे हो. शायद इसी बात का गुर्रर है चांदनी से पहले जो तुमसे मोहब्बत का इकरार किया है. हमने तो कोई पर्दा न रखा था पर तुम्हारे सुरूर का ताप हीContinue reading “सूरज से गुफ्तगू #6”

The Romantic Sun

The sun was almost down with crimson hue in it. It was half hiding behind the tall hill and half smiling at me. It was the time of dusk and yet it was bright and shiny. It wasn’t blinding me rather giving me a lovely look, assuring me that he would be back tomorrow. HeContinue reading “The Romantic Sun”