सूरज से गुफ्तगू #5

बिखेर दिए है आज जो बदल भी तुमने बस गए हो यु उसके भी दिल में कुछ तो शर्म करो कितनो के दिल के तोड़ोगे अब बस भी करो, मोहब्बत करता हु, ये कितनो से कहोगे. थोड़ी और गुफ्तगू: सूरज से गुफ्तगू #4

सूरज से गुफ्तगू #4

First things first #NoFilters पागल ही कह लो हम तो सूरज से भी बातें करते है, ख़्वाबीदा ही कह लो हम तो उससे मिलने का ख्वाब भी देखते है. कुछ और गुफ्तगू उस अनजान सूरज से: सूरज से गुफ्तगू #3 सूरज से गुफ्तगू #2 सूरज से गुफ्तगू #1